हिंदी पत्रकारिता की पृष्ठभूमि(हिंदी पत्रकारिता के दो सौ वर्ष पूर्ण होने पर विशेष)
Keywords:
हिंदी पत्रकारिता, उदन्त मार्तण्ड, राजा राममोहन राय, जेम्स ऑगस्टस हिकी, राष्ट्रीय चेतना, औपनिवेशिक दमन, समाचार सुधावर्षण, पयामे आजादी, वाकयानवीस।Abstract
शोध-सार: प्रस्तुत शोध पत्र में हिंदी पत्रकारिता के गौरवशाली इतिहास और उसकी विकासात्मक पृष्ठभूमि का गहन अनुशीलन किया गया है। हिंदी पत्रकारिता के दो सौ वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर यह शोध प्राचीन काल की मौखिक व पाषाण-उत्कीर्ण संचार व्यवस्था से लेकर मुगलकालीन 'वाकयानवीस' परंपरा और ब्रिटिश काल में 'हिकीज बंगाल गजट' द्वारा रोपे गए स्वतंत्र पत्रकारिता के बीजों का प्रामाणिक विश्लेषण प्रस्तुत करता है। औपनिवेशिक काल में जहां एक ओर विदेशी मिशनरियों ने प्रेस का उपयोग धार्मिक प्रचार के लिए किया, वहीं राजा राममोहन राय जैसे युगद्रष्टाओं ने 'संवाद कौमुदी' और 'मीरात-उल-अखबार' के माध्यम से राष्ट्रीय चेतना और सामाजिक सुधारों का शंखनाद किया। यह शोध 'उदन्त मार्तण्ड', 'बनारस अखबार', 'समाचार सुधावर्षण' और १८५७ की क्रांति के संवाहक 'पयामे आजादी' के विशेष संदर्भ में यह रेखांकित करता है कि प्रारंभिक पत्रकारिता महज सूचना का आदान-प्रदान नहीं, अपितु औपनिवेशिक दमन के विरुद्ध अस्मिता, राष्ट्रीयता और भाषायी परिष्कार का एक जीवंत जन-आंदोलन थी।
References
सन्दर्भ
1. पत्र और पत्रकारिता-रचना भोला 'यामिनी' पृ०-43
2. हिन्दी पत्रकारिता: विकास और विविध आयाम डॉ० सुशीला जोशी पृ० 18
3. हिन्दी पत्रकारिता: विकास और विविध आयाम डॉ० सुशीला जोशी पृ० 18
4. हिन्दी पत्रकारिता: रचना भोला 'यामिनी', पृ० 43
5. हिन्दी पत्रकारिता: विकास और विविध आयाम डॉ० सुशीला जोशी पृ० 19
6. वही, पृ०-19
7. वही, पृ०-19
8. वही, पृ०-19
9. वही, पृ०-19
10. वही, पृ०-19
11. वही, पृ०-19
12. वही, पृ०-19
13. वही, पृ०-19
14. हिन्दी पत्रकारिता विकास और विविध आयाम डॉ० सुशीला जोशी पृ० 19
15. वही, पृ० 20
16. पत्र और पत्रकारिता रचना भोला 'यामिनी', पृ० - 44
17. हिन्दी पत्रकारिता विकास और विविध आयाम डॉ० सुशीला जोशी, पृ० 21
18. पत्र और पत्रकारिता रचना भोला 'यामिनी' पृ०- 44
19. पत्र और पत्रकारिता रचना भोला 'यामिनी' पृ०- 44
20. पत्र और पत्रकारिता रचना भोला 'यामिनी' पृ०-45
21. पत्र और पत्रकारिता रचना भोला 'यामिनी' पृ०-45
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- 2026-10-01 (2)
- 2026-10-01 (1)
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